डीजीएमओ अनिल भट्ट अपने गांव खतवाण पहुंचे। उन्होंने अपने पैतृक घर में घंडियाल देवता व झालीमाली देवी की पूजा अर्चना की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत भी की। ग्रामीणों ने पलायन और रोजगार की समस्या पर चिंता जताई। भट्ट ने कहा कि वह प्रयास करेंगे कि गांवों से पलायन को रोका जाय। इसके बाद वह घंटाकर्ण जात में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने घंटाकर्ण भगवान से आशीर्वाद लिया। मुख्य पुजारी दिनेश जोशी व मंदिर समिति ने डीजीएमओ का स्वागत किया।
हमरु पूरा गौं कु नाम रोशन करियाली
श्रीनगर। डीजीएमओ अनिल भट्ट अपनी 100 दादी भागीरथी देवी से भी मिले। इस दौरान भट्ट भावुक हो गए। भागीरथी देवी ने उनके सिर पर हाथ रख कर कहा कि हमरु पूरा गौं कु नाम रोशन करियाली (हमारे पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया है),त्वेसे उम्मीद च कि देश कि सेवा में क्वी कमी नि रैली (तुम से उम्मीद है कि देश की सेवा में कोई कमी नहीं रहेगी।)।
लोक गायिका रेखा धस्माना के गानों पर झूमे
श्रीनगर। जात के दौरान लोक गायिका रेखा धस्माना की प्रस्तुतियों पर लोग जम कर झूमे। धस्माना ने विजी जाया खोली का गणेश, धरती हमारा गढ़वाल की, नयो नयो ब्यौ च मिठी मिठी छ्वीं लगोला आदि प्रस्तुतियां दी।
डीजीएमओ का गृह क्षेत्र में अभिनंदन
श्रीनगर (ब्यूरो)। डीजीएमओ अनिल भट्ट के पहली बार अपने गृह क्षेत्र में पहुंचने पर गंगा आरती एवं गोतीर्थाश्रम समिति ने भव्य स्वागत किया। इस मौके पर डीजीएमओ भट्ट ने समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देव भूमि के लोगों ने अपने देश में ही नही बल्कि विदेशों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
बृहस्पतिवार को डीजीएमओ अनिल भट्ट के घंटाकर्ण देवता की जात में शामिल होने अपने गृह क्षेत्र लोस्तु जाते समय गंगा आरती एवं गोतीर्थाश्रम समिति ने उनका भव्य नागरिक अभिनंदन किया। नैथाणा झूला पुल के समीप एकत्र समिति की महिलाओं व पदाधिकारियों ने भट्ट को स्मृति चिह्न भेेंट कर उन्हें अभिनंदन पत्र सौंपा।
सैनिक संगठन के मथुरा प्रसाद सिलोड़ी ने कहा कि भट्ट के डीजीएमओ बनने से सैनिकों में उत्साह बढ़ा है। इस मौके पर गोतीर्थाश्रम के अध्यक्ष प्रेम बल्लाभ नैथानी, सचिव डा. अरविंद दरमोड़ा, डा. मोहन सिंह पंवार, डा.जयप्रकाश भट्ट, एसपी घिल्डियाल, अनुज घिल्डियाल, प्रदीप रावत, दर्शन सिंह भंडारी, जयदेव सड़ाना, सत्या काला, पवित्रा, विनिता आदि मौजूद थे।