दुश्मनी घटाने के लिए 10 मई को बनी सहमति के बाद भारत-पाकिस्तान ने विश्वास बहाली के उपायों को जारी रखने का फैसला लिया है, ताकि सतर्कता स्तर में कमी की जा सके। हालांकि पाकिस्तान ने अपने हथियार सुरक्षित हाथों में न होने के भारतीय रक्षा मंत्री के बयान का विरोध किया है।
पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी आईएईए के अधिकार और जिम्मेदारियों के प्रति उनकी अज्ञानता को दर्शाता है। पाकिस्तान की पारंपरिक क्षमताएं भारत के हमले को रोकने के लिए पर्याप्त हैं, और इसके लिए परमाणु ब्लैकमेल की जरूरत नहीं है।
उधर, भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच 10 मई को बनी सहमति जारी रखने का निर्णय लिया गया है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय पर आया जब पाकिस्तानी सेना की तरफ से कहा गया कि शत्रुता खत्म करने पर बनी सहमति का विस्तार 18 मई तक किया गया है। ब्यूरो/एजेंसी