नागरिकों से आग्रह, बिना सत्यापन ऐसे वीडियो साझा न करें: पुलिस प्रवक्ता ने कहा, यह गंभीर मामला है। नागरिकों से आग्रह है कि बिना सत्यापन के ऐसी सामग्री साझा न करें। उन्होंने कहा, तीन दिन पहले लद्दाख के डीजीपी डॉ. एसडी सिंह का डिजिटल रूप से संशोधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा था जिसमें वे दावा करते हुए दिखाई दे रहे थे कि वांगचुक को बिना किसी सबूत के रक्षा मंत्री के निर्देश पर गिरफ्तार किया गया था। उस वीडियो को भी डीपफेक तकनीक का उपयोग करके संशोधित किया गया था। अफसरों ने चेतावनी दी कि फर्जी या छेड़छाड़ की गई सामग्री फैलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।