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Jammu Kashmir: आतंकवाद से मुकाबले के लिए सीआरपीएफ के जवानों को मिलेंगे सर्दी के विशेष उपकरण, 4.54 करोड़ मंजूर

Mon, 10 Aug 2026 12:43 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात करीब 600 CRPF जवानों के लिए 4.54 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की है।
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अरनिया में कुल्लों को खंगालते जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान। - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में आतंकियों के खिलाफ अभियान चला रहे सीआरपीएफ के करीब 600 जवानों के लिए 4.54 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है। इससे जवानों के लिए गेटर, स्लीपिंग बैग, बर्फ में इस्तेमाल होने वाले जूते, चश्मे, डीआरडीओ का हिमसुरक्षा (गर्म कपड़ा), इंसुलेटिंग मैट, रक्सैक, दस्ताने, टेंट, थर्मल इनसोल, कंबल और बचाव बैग खरीदे जाएंगे।

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अधिकारियों के अनुसार ये जांबाज पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ऊंचे व बर्फीले इलाकों में आतंकवाद के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर सामान पिछले साल से ही अस्थायी ऑपरेटिंग बेस (टीओबी) पर तैनात जवानों को उपलब्ध कराया जा रहा था।

हालांकि, गृह मंत्रालय ने जुलाई में इन सामानों की खरीद के लिए सीआरपीएफ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसका उद्देश्य ऊंचाई वाले इलाकों में लंबे समय तक रेकी, पेट्रोलिंग, सर्वाइवल और आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान जवानों को बेहतर ढंग से तैयार रखना है। इन उपकरणों की उपयोगी उम्र करीब दो साल बताई गई है। जरूरत पड़ने पर नई खरीद के लिए मंजूर राशि को बढ़ाया भी जा सकता है।

छह हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर बनाए गए टीओबी
छह हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बनाए गए टीओबी में सीआरपीएफ के कमांडो तैनात हैं। ये जवान उन दुर्गम इलाकों में तलाशी और हमले के अभियान चलाते हैं, जहां आतंकी छिपने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों का इस्तेमाल करते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आतंकी मैदानी इलाकों में वारदात को अंजाम देने से पहले या बाद में बर्फ से ढके और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में शरण लेते रहे हैं। इसी वजह से इन क्षेत्रों में सीआरपीएफ और सेना की तैनाती बढ़ाई गई है। सीआरपीएफ ने जुलाई 2025 में इस तरह का पहला टीओबी स्थापित किया था। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बल ने जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में करीब 55 टीओबी बनाए हैं। प्रत्येक टीओबी में 15 से 25 हथियारबंद जवानों की टीम तैनात रहती है। यहां जवानों के लिए आराम और रिकवरी की बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

ऑपरेशन महादेव में भी टीओबी का इस्तेमाल
जुलाई 2025 में पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार तीन आतंकियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सीआरपीएफ के एक टीओबी का इस्तेमाल सुरक्षा बलों ने बेस के तौर पर किया था। इस अभियान को ऑपरेशन महादेव नाम दिया गया था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई गई थी। ऑपरेशन महादेव 22 मई 2025 को शुरू किया गया था। सेना की तर्ज पर सीआरपीएफ कमांडो के लिए टीओबी बनाने का प्रस्ताव 2022-23 से तैयार किया जा रहा था, लेकिन अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद इन बेस को तेजी से स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
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अरनिया में चलाया कासो, सुनसान इलाके खंगाले
अरनिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार देर शाम सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बीएसएफ के साथ अरनिया क्षेत्र में संयुक्त कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो) चलाया। इस दौरान जवानों ने ऐक नाला, कूल कलां और आसपास के सुनसान इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा बलों ने करीब 10 से 15 मकानों और रिहायशी कुल्लों को खंगाला।

अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। तलाशी के दौरान किसी तरह की आपत्तिजनक सामग्री या हथियार बरामद नहीं हुए। इस दौरान किसी को गिरफ्तार भी नहीं किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों को बताया कि यह नियमित सुरक्षात्मक अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संभावित खतरों को समय रहते नाकाम करना है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करें। अधिकारियों ने कहा कि नागरिकों के सहयोग से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। 
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