गुरबिंदर सिंह बाली की बनाई स्मार्ट वॉटर बॉटल
- फोटो : अमर उजाला
चार साल के शोध और परीक्षणों के बाद उन्होंने ‘अकोर’ नाम की इंटेलिजेंट वॉटर बॉटल विकसित की है। दावा है कि यह केवल पानी की खपत का हिसाब रखने के बजाय स्पर्श के जरिए शरीर के हाइड्रेशन स्तर का आकलन कर सकती है।
इसके साथ हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और ब्लड ऑक्सीजन जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों की निगरानी की सुविधा भी इसमें दी गई है।
अमेरिका स्थित डेनवर लाइफ साइंसेज के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरबिंदर का यह नवाचार स्वास्थ्य संबंधी निगरानी को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की कोशिश है। कंपनी की योजना 13 अक्तूबर को इस डिवाइस को अंतरराष्ट्रीय क्राउडफंडिंग मंच किकस्टार्टर पर पेश करने की है।
बोतल नहीं, शरीर की जरूरत समझने की कोशिश
अब तक बाजार में उपलब्ध ज्यादातर स्मार्ट वॉटर बॉटल पानी पीने की मात्रा दर्ज करने, तय अंतराल पर याद दिलाने या दैनिक लक्ष्य पूरा करने में मदद करती हैं। अकोर की अवधारणा इससे आगे जाकर शरीर की आंतरिक स्थिति का आकलन करने की है। इसमें लगे ऑप्टिकल सेंसर और एल्गोरिदम स्पर्श के जरिए प्राप्त संकेतों का विश्लेषण करते हैं। गुरबिंदर का दावा है कि इससे व्यक्ति के हाइड्रेशन स्तर के साथ कुछ अहम स्वास्थ्य संकेतकों की जानकारी भी मिल सकती है। इस तकनीक को विकसित करने का उद्देश्य पानी पीने की आदत को केवल समय और मात्रा से जोड़कर देखने के बजाय शरीर की वास्तविक जरूरत को समझना है।
चार साल का शोध, करोड़ों पल्स डेटा का विश्लेषण
इस तकनीक को तैयार करने के लिए करीब चार साल तक शोध किया गया। गुरबिंदर के मुताबिक हाइड्रेशन इंजन के विकास में लगभग 1,200 घंटे के मानव परीक्षण किए गए और 35 करोड़ पल्स डेटा का विश्लेषण किया गया। परीक्षण और तकनीक को बेहतर बनाने का काम अभी जारी है।
टंगमर्ग से वैश्विक तकनीक जगत तक
श्रीनगर में शुरुआती शिक्षा प्राप्त करने वाले गुरबिंदर ने बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ डेनवर से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एग्जीक्यूटिव एमबीए करने के बाद उन्होंने वैश्विक तकनीकी कंपनियों में अहम भूमिकाएं निभाईं।