जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) इकाई ने हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन समेत चार फरार आरोपियों के खिलाफ अदालत द्वारा जारी उद्घोषणा आदेश को उनके घरों और प्रमुख स्थानों पर चस्पा किया। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 जुलाई 2026 तक पेश होने का निर्देश दिया है, अन्यथा उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) इकाई ने हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन समेत चार फरार आरोपियों के खिलाफ अदालत द्वारा जारी उद्घोषणा (प्रोक्लेमेशन) आदेश को लागू किया है। ये सभी आरोपी एक पुराने आतंकवाद संबंधी मामले में गिरफ्तारी से बचने और कानूनी कार्यवाही से दूर रहने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
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पुलिस के अनुसार, आरोपियों में पाकिस्तान में रह रहा हिजबुल प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन उर्फ मोहम्मद यूसुफ शाह, अनंतनाग निवासी और हिजबुल कमांडर गुलाम नबी खान उर्फ आमिर खान बांदीपोरा निवासी शेर मोहम्मद उर्फ बहादुर उर्फ रियाज तथा श्रीनगर निवासी नासिर यूसुफ कादरी शामिल हैं।
सीआईके में वर्ष 1996 में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान पाया गया कि सभी आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बच रहे हैं और न्यायिक प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहे हैं। इसके बाद विशेष एनआईए अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023 की धारा 84 के तहत उनके खिलाफ उद्घोषणा प्रक्रिया शुरू की।
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अदालत ने सभी आरोपियों को 14 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि निर्धारित तिथि पर उपस्थित न होने की स्थिति में उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने अदालत के निर्देशानुसार आरोपियों के पैतृक घरों और अन्य प्रमुख स्थानों पर उद्घोषणा आदेश चस्पा किया। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की गई ताकि कानूनी औपचारिकताओं का पालन सुनिश्चित किया जा सके।