जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य को अंतरराष्ट्रीय फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए कई नई पहल की घोषणा की है। उनका कहना है कि सरकार स्थानीय संसाधनों और प्रशिक्षित युवाओं के जरिए फिल्म उद्योग को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार मुंबई के बड़े प्रोडक्शन हाउसेज़ के साथ मिलकर स्थानीय युवाओं को सिनेमैटोग्राफी, लाइटिंग और अन्य तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण दे रही है, ताकि फिल्म यूनिट्स को बाहर से ज्यादा स्टाफ लाने की जरूरत न पड़े। इससे न केवल लागत कम होगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार एक 'सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम' लागू कर रही है, जिससे फिल्म शूटिंग की अनुमति आसानी से मिल सके और प्रशासनिक बाधाएं खत्म हों। पर्यटन विभाग के जरिए सभी अनुमतियों को समन्वित किया जा रहा है।
इसके अलावा सरकार कैमरा, लाइटिंग और अन्य उपकरणों का स्थानीय स्टॉक भी विकसित करने की योजना बना रही है, ताकि फिल्म यूनिट्स को भारी सामान बाहर से न लाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से जम्मू-कश्मीर न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा और म्यूजिक वीडियो प्रोडक्शंस के लिए भी एक पसंदीदा शूटिंग लोकेशन बन सकेगा और इससे घाटी की फिल्म इंडस्ट्री को नई पहचान मिलेगी।