दो सौ से अधिक रॉक ग्लेशियर भी बने:
ग्लेशियरों के सिकुड़ने के कारण दो सौ से अधिक रॉक ग्लेशियर (48.26 वर्ग किमी) और कई प्रो-ग्लेशियल झीलें भी बनी हैं। ये बर्फीले क्षेत्र में हो रहे महत्वपूर्ण बदलावों का संकेत देती हैं। इन बदलावों के गंभीर सामाजिक-आर्थिक प्रभाव हैं।
अध्ययन में ये ग्लेशियर शामिल
यह अध्ययन झेलम बेसिन के लिद्दर, विशव-रेम्बियारा और सिंध उप-बेसिनों में फैले ग्लेशियरों को शामिल किया गया है। मुख्य ग्लेशियरों में कोलाहोई, शेषराम और होकसर (लिद्दर बेसिन); चिरसर-1, चिरसर 2, ब्रमसर, प्राणमार्ग और थाजवास (सिंध बेसिन) शामिल हैं।