सीआईके ने कुलगाम निवासी एक वेंडर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसने फर्जी पहचान पर सिम कार्ड जारी कर उसे आतंकी को सौंपा था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने मतदाता पहचान पत्र में हेराफेरी कर आतंकियों को डिजिटल नेटवर्क मुहैया कराया।
आतंकियों को सिम कार्ड कनेक्शन उपलब्ध कराने वाले एक आतंकी सहयोगी के खिलाफ काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने वीरवार को चार्जशीट दाखिल की है। कुलगाम के हनंद चावलगाम निवासी मुदासिर अहमद शेख एक दूर संचार कंपनी में वेंडर है। यह चार्जशीट एक गैर-मौजूद व्यक्ति के नाम पर सिम कार्ड जारी करने के लिए दाखिल की गई, जिसका वास्तव में उपयोग एक आतंकी द्वारा किया गया था।
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फर्जी मतदाता पहचान पत्र से रची गई साजिश
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने एक वास्तविक मतदाता पहचान पत्र में हेरफेर और जालसाजी की और इसका उपयोग एक गैर-मौजूद व्यक्ति के नाम पर सिम कार्ड जारी करने के लिए किया। आरोपी ने कस्टमर एप्लिकेशन फॉर्म (सीएएफ) में काल्पनिक और अपूर्ण विवरण दर्ज किए ताकि सिम कार्ड गैर-मौजूद व्यक्ति के नाम पर जारी हो और इसे आतंकी को उपयोग के लिए दिया जाए।
सिम कार्ड का असली उपभोक्ता नहीं था मौजूद
जांच में यह भी पुष्टि हुई कि कस्टमर एप्लिकेशन फॉर्म में दिखाया गया सिम कार्ड का ग्राहक वास्तव में मौजूद नहीं था और सिम कार्ड वास्तव में एक आतंकी को जारी किया गया था। पुलिस ने आम जनता, विशेष रूप से कश्मीर घाटी के युवाओं से अपील की है कि वे इस संबंध में सलाह का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग धोखाधड़ी से सिम कार्ड प्राप्त करने के लिए न हो। लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपना सिम कार्ड किसी के साथ साझा न करें, चाहे वह व्यक्ति कितना भी करीबी क्यों न हो।