सोपोर पुलिस को हथियारों और संदिग्ध सामग्री के छिपाए जाने की विशेष खुफिया सूचना मिली थी। इसके आधार पर जंगल में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान एक बड़े पत्थर के नीचे छिपाकर रखा गया नीले रंग का ड्रम और एक बैग मिला। इनमें हथियार, गोला-बारूद, हैंड ग्रेनेड, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) और उनसे जुड़ी सामग्री रखी गई थी।
बरामदगी में दो असॉल्ट राइफलें (एके-47 और एके-76), सात मैगजीन और कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा चार पिस्तौल, चार मैगजीन व कारतूस, पांच राउंड के साथ एक मल्टी-ग्रेनेड लॉन्चर (एमजीएल) और 11 हैंड ग्रेनेड भी मिले हैं।
तलाशी के दौरान रिमोट कंट्रोल के साथ तीन आईईडी, आठ डेटोनेटर, दो टाइमर, वाई-एसएमएस सेट, प्राइमाकॉर्ड, तार, बैटरी सेल और आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। संदिग्ध विस्फोटक सामग्री की जांच और उसे सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया।
पुलिस ने बताया कि बरामद सामग्री को सभी जरूरी सुरक्षा उपायों और कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जे में ले लिया गया है। सोपोर के पुलिस स्टेशन बोमई में एफआईआर नंबर 66/2026 दर्ज की गई है। इसमें यूएपीए की धारा 13, 18, 20 और 23, आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 लगाई गई हैं।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार और विस्फोटक किसने छिपाए थे, इनका स्रोत क्या है और क्या इनका किसी आतंकी संगठन से संबंध है। मामले की आगे की जांच जारी है।