पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में आशंका है कि बरामद सामान मारे गए लश्कर-ए-ताइबा के शीर्ष कमांडर हाशिम मूसा के इस्तेमाल के लिए लाया गया था। इस बरामदगी को इलाके में उसकी मौजूदगी और उसे मिलने वाली संभावित लॉजिस्टिक मदद की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सामान कहां से आया इसे घटनास्थल के पास किसने रखा और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। जांच में ओवरग्राउंड वर्कर्स साजिश में शामिल लोगों और अन्य सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
29 सितंबर को सुरक्षाबलों ने खुफिया सूचना के आधार पर पालमेदन दूधपथरी इलाके में संयुक्त अभियान चलाया था। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में हाशिम मूसा मारा गया था।
बरामद बैग से जुड़े सुराग खानसाहिब थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 181/2026 की जांच का हिस्सा हैं। जांच एजेंसियां अब संदिग्ध लॉजिस्टिक नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका स्थापित करने में जुटी हैं।