संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। फायर-हॉर्स वर्ष 2025 में 20 दिसंबर को मनाए जाने वाले लद्दाखी लोसर को लेकर लद्दाख बौद्ध संघ ने इस वर्ष के आयोजनों में संयम और गंभीरता बरतने की अपील की है।
त्योहार से पूर्व जारी अपने बयान में लद्दाख बौद्ध संघ ने लद्दाख के समस्त बौद्ध समुदाय से आग्रह किया है कि वे लोसर को उसके पूर्ण धार्मिक महत्व, पारंपरिक रीति-रिवाजों और लंबे समय से चली आ रही मान्यताओं के साथ मनाएं लेकिन उत्सव को सादगीपूर्ण और कम प्रोफाइल में रखें। संघ ने विशेष रूप से भव्य संगीत कार्यक्रमों, नृत्य आयोजनों तथा किसी भी प्रकार के ग्लैमरस या भव्य समारोहों से परहेज करने का अनुरोध किया है।
यह अपील 24 सितंबर 2025 की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पृष्ठभूमि में की गई है जिसमें कई लोगों की जान गई थी और अनेक अन्य घायल हुए थे। संघ के अनुसार कुछ घायल अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इस घटना के बाद कई लोगों की गिरफ्तारी और हिरासत की गई जिन पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की गंभीर धाराएं लगाई गईं। संघ ने कहा कि इनमें से कई मामले अभी न्यायिक प्रक्रिया में हैं और अनेक लोग पुलिस या न्यायिक हिरासत में बने हुए हैं।
स्थिति को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए लद्दाख बौद्ध संघ ने कहा कि इस वर्ष सादे और संयमित ढंग से लोसर मनाना मृतकों, घायलों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करने के साथ-साथ कानूनी कठिनाइयों का सामना कर रहे लोगों के प्रति एकजुटता का प्रतीक होगा।