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J&K: ब्रांड एंबेसडर लाचार... सरकारी वादे की नौकरी का इंतजार, प्रधानमंत्री ने सराहा लेकिन बिलाल का सपना अधूरा

Fri, 16 Jan 2026 02:16 PM IST
निकिता गुप्ता भट शहजाद अमर उजाला नेटवर्क, बांदीपोरा

सार

बांदीपोरा के बिलाल अहमद, जिन्होंने किशोरावस्था में वुलर झील की सफाई कर देशभर में सुर्खियां बटोरीं, अब हादसे के बाद पैर गंवा चुके हैं और सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। उनके प्रयासों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली।
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अपने घर पर बिस्तर पर बिलाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कश्मीर की प्रसिद्ध वुलर झील को गंदगी से बचाने के लिए अपनी किशोरावस्था समर्पित कर देने वाले बिलाल अहमद आज बेबसी के अंधेरे में हैं।

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24 जनवरी 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में 14 साल के किशोर के जज्बे की सराहना की थी। आज वह 23 साल का युवा है और एक हादसे में पैर गंवाने के बाद बिस्तर पर पड़ा प्रशासन की राह देख रहा है।

बांदीपोरा जिले के लहरवालपोरा गांव के निवासी बिलाल अहमद 2017 में तब सुर्खियों में आए थे जब उनका वुलर झील की सफाई करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। उस समय कबाड़ चुनकर अपने परिवार का पेट पालने वाले बिलाल झील से प्लास्टिक और कचरा साफ करते थे।
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उनके इस निस्वार्थ कार्य पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘सेविंग द सेवियर’ ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री के मन की बात में जिक्र होने उनकी किस्मत की बदल गई थी। प्रधानमंत्री ने उन्हें स्वच्छ भारत अभियान का एक कार्यकर्ता बताया था। इसके बाद श्रीनगर नगर निगम ने उन्हें स्वच्छ भारत अभियान का अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था। साथ ही 18 साल का होने पर सरकारी नौकरी की घोषणा की थी। आज बालिग होने के चार साल बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिली है। उनका कोई हाल लेने वाला नहीं दिख रहा है।

पिछले साल हादसे ने अंधेरे में धकेला: पिछले साल एक सड़क दुर्घटना ने बिलाल की जिंदगी अंधेरे में धकेल दी। हादसे में बिलाल का एक पैर पूरी तरह खराब हो गया। कई ऑपरेशनों और लगभग 14 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी वह आज चलने-फिरने में असमर्थ हैं।

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बिलाल बोले...मुझे मेरे हाल पर छोड़ दिया गया
बिलाल का आरोप है कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन ने उनसे दूरी बना ली। मुझे मेरे हाल पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा, मुझसे पक्की नौकरी का वादा किया गया था। मैंने वर्षों तक ब्रांड एंबेसडर के तौर पर श्रीनगर नगर निगम में ईमानदारी से सेवा की लेकिन न तो मानदेय बढ़ा और न सरकारी नौकरी मिली। हादसे के बाद मुझे कोई मदद नहीं मिली।

अब भी वुलर को साफ रखने का जज्बा
बिलाल आज भी शारीरिक अक्षमता के बावजूद वुलर झील को साफ करने का जज्बा रखते हैं लेकिन उनका स्वास्थ्य अब बड़ी बाधा है। वे मांग कर रहे हैं कि श्रीनगर नगर निगम अपना वादा निभाते हुए उन्हें स्थायी नौकरी दे। इस मामले में जब नगर निगम के आयुक्त फजलुल हसीब से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बता दें कि बिलाल ब्रांड एंबेसडर अब भी हैं क्योंकि उन्हें पदच्युत का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
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