विधानसभा में अवाम की आवाज को बेहतरीन तरीके से बुलंद करने के लिए सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार दिए गए। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा जम्मू कश्मीर में जिस तरह के हालात हैं, विधानसभा तक पहुंचना बेहद जोखिम भरा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनकर विधायक अपनी जान का जोखिम उठाते हैं।
अवाम की खातिर ऐसे जोखिम उठाने वाले कई विधायकों को तो अपनी जान भी गंवानी पड़ी। वह ऐसे विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं। उन्होंने हाल के वर्षों में विधानसभा के भीतर जन समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए विधायकों की तारीफ की।
वार्षिक स्तर पर दिए जाने वाले सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार के लिए वर्ष 2012-13 में चौधरी जुल्फकार अली, वर्ष 2013-14 में अब्दुल हक खान और वर्ष 2014-15 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए जीएम सरूरी को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार के तहत विधायकों को गोल्ड मेडल और एक लाख रुपये नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सराहना पत्र के लिए भी विधायकों के नाम घोषित किए गए। वर्ष 2012-13 के सराहना पत्र के लिए पूर्व विधायक जीए मीर, विधायक जावेद मुस्तफा, सांसद जुगल किशोर और डिप्टी स्पीकर नजीर अहमद गुरेजी को चुना गया। वर्ष 2013-14 के लिए पूर्व विधायक मोहम्मद शरीफ नियाज, पूर्व विधायक निजामुद्दीन भट, विधायक शेख अब्दुल रशीद और विधायक सुखनंदन चौधरी को चुना गया।
वर्ष 2014-15 के लिए आगा सैयद रहुल्लाह मेहंदी, अशोक खजूरिया, रफीक अहमद मीर (पूर्व विधायक) और सैयद अहमद बशारत बुखारी को चुना गया। इस अवसर पर स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने विधानसभा की बाधारहित कार्यवाही आयोजित करने के लिए स्टाफ सदस्यों की सराहना की।