गढ़वाल का त्रिवेणी के नाम से प्रसिद्ध ढुंडप्रयाग घाट उपेक्षा का दंश झेल रहा है। वर्ष 2013 की आपदा में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने के बाद अभी तक इसकी मरम्मत नहीं की गई है। धार्मिक महत्व होने के कारण यहां हमेशा श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। जर्जर हो चुके इस घाट पर कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
नगर पंचायत क्षेत्र कीर्तिनगर के समीप अलकनंदा नदी, ढुंडसिर गाढ़ व विल्वकेदार गाढ़ का संगम स्थल है। स्थानीय लोग इसे गढ़वाल की त्रिवेणी के नाम से जानते हैं। पर्व व त्यौहारों के अलावा हर दिन यहां बड़ी संख्या में दूर दराज क्षेत्र से लोग पूजा अर्चना के लिए आते हैं, लेकिन घाट की जर्जर स्थिति दुर्घटनाओं का सबब बन रही है।
पिछले वर्ष पूर्जा अर्चना करने आया एक युवक स्नान के दौरान बह गया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि घाट की मरम्मत के लिए जनप्रतिनिधिों के साथ ही नगर पंचायत प्रशासन से भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन घाट की मरम्मत नहीं की जा रही है।
वहीं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विनोद शाह ने बताया कि उक्त घाट का निर्माण नमामि गंगे कार्यक्रम में प्रस्तावित है। इसके लिए नगर पंचायत ने सभी सूचनाऐं एवं प्रमाण पत्र भारत सरकार को भेज दिए हैं।