पहले वैष्णो देवी गए फिर यहां चले आए :
इस बीच उदयपुर से पहलगाम घूमने आये एक पर्यटकों के समूह ने यहां की प्राकृतिक सुंदरता व मेहमाननवाजी की सरहाना की। उदयपुर से आए राणा कुमावत ने कहा कि वह वैष्णो देवी के बाद सीधा यहां आए। घर वालों ने मना किया लेकिन हमारा मन था पहलगाम देखने का।
जम्मू और कश्मीर होटलियर्स क्लब के चेयरमैन मुश्ताक चाया ने कहा कि प्रमुख रिसॉर्ट्स में होटल ऑक्यूपेंसी फिलहाल कम है। चाहे वह गुलमर्ग हो, पहलगाम हो या सोनमर्ग बुकिंग उम्मीद से कम है। एक बार बर्फबारी होने के बाद हमें यकीन है कि संख्या तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर में विंटर टूरिज्म सीधे तौर पर बर्फबारी से जुड़ा हुआ है। अच्छे विंटर सीजन की उम्मीद है।
अगले साल इसी रास्ते से अमरनाथ यात्रा पर जाने की इच्छा है :
उनके साथ आई मोनिका ने कहा कि काफी समय से कश्मीर घूमने का सोचा था लेकिन अचानक से अब प्लान बना। पहलगाम की वादियां, हसीन नजारे काफी दिल को खुश करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यहां से पवित्र अमरनाथ जी यात्रा का पारंपरिक रास्ता है और अगली बार मैं अमरनाथ जी की यात्रा भी इसी रास्ते से करना चाहूंगी। मोनिका ने कहा कि यहां ऐसा कुछ नहीं है और सभी को एक बार कश्मीर खासकर पहलगाम घूमने आना चाहिए। बता दें कि आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ महीने से पर्यटकों की एक अच्छी खासी संख्या पहलगाम घूमने आई है। इसमें कई फिल्म और शूटिंग क्रू भी शामिल थे।