अधिकारियों के अनुसार, मॉक ड्रिल के दौरान आतंकवादी हमले जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इसमें लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, सुरक्षा उपायों का पालन कराने और सेना, पुलिस, नागरिक प्रशासन तथा स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय की क्षमता का परीक्षण किया गया, ताकि किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में तेजी और प्रभावी ढंग से कार्रवाई की जा सके।
यह अभ्यास राष्ट्रीय राइफल्स और सेना की अन्य इकाइयों द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित मेंढर सेक्टर सहित कई स्थानों और आंतरिक इलाकों में एक साथ आयोजित किया गया। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे अभ्यास लोगों को सतर्क रहने और आपात परिस्थितियों में सही कदम उठाने के लिए जागरूक बनाते हैं।
पूर्व ब्लॉक विकास परिषद (बीडीसी) सदस्य अमानुल्ला चौधरी ने कहा कि भारतीय सेना समय-समय पर ऐसे अभ्यास कर लोगों को सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारी देती रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग हमेशा देश के साथ खड़े रहे हैं और भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर अपना पूरा सहयोग देंगे।
वहीं, स्थानीय निवासी मोहम्मद फारूक ने कहा कि इस तरह के मॉक ड्रिल से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों का आत्मविश्वास भी मजबूत होता है।
इस बीच, खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सेना ने सुरनकोट और मेंढर क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। आशंका जताई गई है कि आतंकवादी घुसपैठ या अन्य आतंकी गतिविधियों की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और कई स्थानों पर जांच चौकियां स्थापित की गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। प्रमुख सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई है। मोबाइल वाहन जांच चौकियां (एमवीसीपी), अचानक जांच अभियान, पैदल गश्त और क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) भी तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। बाजारों, शिक्षण संस्थानों, सरकारी प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। रात के समय गश्त के साथ-साथ संभावित घुसपैठ और भागने के रास्तों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें, किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और कोई भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस या नजदीकी सुरक्षा एजेंसी को इसकी सूचना दें।