भारतीय सेना ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत में हिरासत के दौरान जीशान मीर के साथ बेहद गरिमापूर्ण, मानवीय और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया गया और उसकी उचित देखभाल की गई। यह कदम भारतीय सेना की उच्च परंपराओं, मानवीय मूल्यों और पेशेवर आचरण के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव के बावजूद, भारतीय सेना अक्सर भूलवश सीमा पार करने वाले नागरिकों और बच्चों को पूरी सुरक्षा के साथ वापस सौंपती रही है। उड़ी के कमान पोस्ट पर हुई इस घर वापसी को भी दोनों ओर से शांति और मानवीय दृष्टिकोण की एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।