सेना प्रमुख ने तंगधार में आयोजित 'ऑपरेशन दृष्टि' मोतियाबिंद सर्जरी शिविर की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और स्थानीय लोगों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली।
दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ ने पूर्व सैनिकों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं तथा कल्याण से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े मामलों को सुना तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कदम उठाने को कहा।
बर्फबारी से पहले सीमा पर तैयारियों पर जोर
करनाह और तंगधार जैसे सीमावर्ती इलाकों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है। ऐसे में सेना के लिए अग्रिम इलाकों तक रसद, जवानों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। सेना प्रमुख का दौरा बर्फबारी से पहले सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और संचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा से भी जुड़ा माना जा रहा है।
जनरल सेठ का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले वायु सेना प्रमुख ने भी जम्मू-कश्मीर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया था। लगातार दो दिनों में थलसेना और वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों के सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरे को सर्दियों से पहले सुरक्षा तैयारियों और परिचालन स्थिति की समीक्षा के संदर्भ में देखा जा रहा है।