लेह में कर्फ्यू में ढील, लेकिन इंटरनेट अब भी बंद
एक हफ्ते के कर्फ्यू के बाद लेह में मंगलवार से हालात कुछ सामान्य हुए हैं। प्रशासन ने पहले 7 घंटे के लिए और बुधवार को उसे बढ़ाकर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक दुकानें और व्यापारिक गतिविधियां चलाने की अनुमति दी है। हालांकि, मोबाइल इंटरनेट सेवा अब भी बंद है और पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक बनी हुई है।
6 अक्तूबर की वार्ता टली
6 अक्तूबर को केंद्र सरकार और लद्दाख प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत अब टल गई है क्योंकि लेह एपेक्स बॉडी और केडीए ने वार्ता में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। उनका कहना है कि जब तक हालात अनुकूल नहीं होते, तब तक वे बातचीत में शामिल नहीं होंगे।
हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण, प्रशासन नहीं चाहता था ऐसा हो
कवींदर गुप्ता ने हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण और त्रासद बताया और कहा कि प्रशासन नहीं चाहता था कि ऐसा हो। उन्होंने कहा कि जांच में यह सामने आएगा कि हिंसा किस कारण हुई। प्रशासन ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत कुछ प्रतिबंध लगाए थे ताकि हालात काबू में रह सकें। स्कूल और कॉलेज भी एहतियात के तौर पर बंद किए गए थे।
एनएसए पर बोले -यह केंद्र सरकार का मामला
सोनम वांगचुक पर एनएसए लगाने के मामले में उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार का मामला है और गृह मंत्रालय ने जो भी आरोप लगाए हैं, वह एक केस के रूप में दर्ज हैं। मैं स्थानीय मुद्दों को देख रहा हूं, एनएसए से संबंधित फैसले केंद्र लेता है।
राहुल गांधी पर हमला
राहुल गांधी द्वारा लद्दाख की स्थिति पर की गई टिप्पणी को लेकर उपराज्यपाल ने कहा, पूरा देश जानता है कि राहुल गांधी क्या कह रहे हैं। वे लोगों को भड़काने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें पहले खुद पर ध्यान देना चाहिए।
जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद
एलजी ने कहा कि हालात अब काफी हद तक सामान्य हो चुके हैं और प्रशासन कोशिश कर रहा है कि आम लोगों को कोई दिक्कत न हो। हमारी कोशिश है कि जीवन फिर से सामान्य हो जाए, और मुझे लगता है कि अगले कुछ दिनों में सब कुछ ठीक हो जाएगा।