श्रीनगर में डटे मुख्यमंत्री, तैयारियों पर खुद रख रहे हैं नजर
वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तीर्थयात्रा की शुरुआत होने तक श्रीनगर में जमे हुए हैं। उनके निर्देश पर रोजाना प्रदेश सरकार का कोई न कोई मंत्री और प्रमुख शीर्ष अधिकारी दोनों मार्गों पर सुविधाओं का जायजा लेने पहुंच रहे हैं। रविवार को जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण और जनजातीय मंत्री जावेद अहमद राणा और स्वास्थ्य निदेशक जहांगीर पहुंचे थे। दोनों लोगों ने बारी-बारी से एक-एक सुविधा की बारीकी से निगरानी की। सुनिश्चित किया कि बाबा बर्फानी के भक्तों की सुविधा में कहीं कोई कसर न रह जाए।
गुफा तक मार्ग हुआ दुरुस्त, लग गए लंगर
दोनों मार्ग पहलगाम और बालटाल से पवित्र गुफा तक मार्ग की मरम्मत व रेलिंग लगाने का काम पूर्ण हो चुका है। यात्रियों के लिए पानी, बिजली, शौचालय, स्नानघर से लेकर स्वास्थ्य सुविधा के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। दोनों मार्गों के बीच में पड़ने वाले बेस कैंप पर लंगर लग गए हैं।
बालटाल और नुनवन में टेंट लगाए गए हैं। यात्रियों के लिए बालटाल मार्ग पर 16 व पहलगाम रूट पर 10 आक्सीजन बूथ स्थापित किए गए हैं। पचास मेडिकल स्टेशन बनाए गए है जिसमें बेस अस्पताल व अन्य चिकित्सा कैंप भी शामिल हैं। बेस कैंप और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मियों की फौज तैनात की गई है। दोनों मार्गों पर शिविरों में कैंप निदेशकों व अतिरिक्त कैंप निदेशकों ने जिम्मेदारी संभाल ली है।
अमरनाथ यात्रा के दो प्रमुख मार्ग
पहलगाम मार्ग: लगभग 46 किलोमीटर दूरी की शुरुआत पहलगाम से होती है। रास्ते में चंदनबाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी बेस कैंप पड़ता है। यह मार्ग प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है पर थोड़ा लंबा है। इस मार्ग की धार्मिक मान्यता अधिक मानी जाती है।
बालटाल मार्ग : करीब 14 किलोमीटर यात्रा की शुरुआत सोनमर्ग के पास बालटाल से होती हैे। यह मार्ग छोटा है लेकिन खड़ी चढ़ाई के चलते दिक्कत भरा है। ट्रैकिंग करने वालों के लिए यह रास्ता रोमांच से भरपूर है।