मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद अमरनाथ यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है। इसके चलते जम्मू, उधमपुर और रामबन से श्रीनगर की ओर किसी भी श्रद्धालु वाहन को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर, रामबन और बनिहाल के बेस कैंपों व आवास केंद्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुके हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक वहीं ठहरने की अपील की गई है।
माता वैष्णो देवी यात्रा भी दूसरे दिन बंद रही। कटड़ा बेस कैंप पर पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा स्थगित होने की जानकारी दे रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम में सुधार होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही श्रद्धालुओं को भवन की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी।
रियासी जिले के ही शिव खोड़ी धाम की यात्रा भी खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण स्थगित है। श्री शिव खोड़ी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अगली सूचना तक अपनी यात्रा टालने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम अनुकूल होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
इस बीच, रविवार से हो रही लगातार बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई स्थानों पर बादल फटने, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आई हैं। पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हालात की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की और सभी जिलों को 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, राहत कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने 19 से 24 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और यात्रा संबंधी आधिकारिक अपडेट जरूर देखने की अपील की है।