श्रीनगर। पुलवामा जिले के त्राल जिले में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में मारे गए तीन हिजबुल आतंकियों के बारे में आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि इनमें से एक आरिफ बशीर पिछले साल अगस्त में आतंकी बना था। बाकी के दो आतंकी वारिस हसन नाइकू और सैयद हाफिज इसी साल 1 जनवरी को आतंकवाद में शामिल हुए थे। मरहामा का रहने वाला बशीर इसी माह 2 जनवरी को त्राल में एसएसबी बंकर पर हुए ग्रेनेड हमले में शामिल था । इस हमले में 8 स्थानीय नागरिक और एक जवान घायल हुआ था।
एक सवाल के जवाब में आईजीपी ने कहा कि पाकिस्तान पोर्टल और सोशल मीडिया के सहारे कश्मीर के युवाओं को बहकाने का काम कर रहा है। जम्मू कश्मीर पुलिस यहां के युवाओं की काउंसिलिंग करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाने जा रहे हैं जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ काउंसिलिंग की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की पूरी कोशिश रहेगी कि भटके हुए युवाओं को मुखयधारा में शामिल होने का पूरा मौका दिया जाए। आईजीपी ने लोगों से अपील की है कि वह अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। यदि कुछ बच्चे भटक गए हैं तो उनके परिजन आगे आएं, पुलिस उनकी मदद के लिए तैयार है। पुलिस हर उस युवा की मदद करेगी जो मुख्य धारा में लौटना चाहता है।
पिछले वर्ष की तुलना में ये जनवरी शांत
गौरतलब है कि पिछले साल की तुलना में अभी तक इस वर्ष जनवरी का महीना शांतिपूर्वक रहा। पिछले साल जनवरी के महीने में जम्मू - कश्मीर में 17 आतंकी, 3 सैनिक, 1 पुलिस कर्मी और 2 सेना के पोर्टर मारे गए थे। जबकि इस वर्ष जनवरी में अभी तक 4 सैनिक शहीद हुएऔर 3 आतंकी मारे गए हैं, जिसमें से केवल एक ही सैनिक आतंकी हमले में शहीद हुआ जबकि बाकी के 3 पाकिस्तान के संघर्ष विराम उलंघन के दौरान गोलाबारी में शहीद हुए।