जम्मू संभाग में आतंकियों के खिलाफ तेज होगा अभियान
जम्मू संभाग के किश्तवाड़, उधमपुर और राजोरी जिले बढ़ती आतंकवाद घटनाएं और आगामी विधानसभा उप-चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती है। जम्मू-कश्मीर में एक साल बाद उपचुनाव हो रहे है। उप-चुनाव और बढ़ती आतंकी घटनाएं के बीच सुरक्षित माहौल बनाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती है।
जम्मू संभाग के तीन जिले बीते डेढ़ से दो साल से आतंकवाद से पीड़ित है। आए दिन आतंकी हमला करने के बाद गायब हो जाता है। पूरी सुरक्षा तंत्र उन्हें ढूंढने में लता है लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाता है। किश्तवाड़ के दच्छन, पाड्डर के के दुर्गम इलाके, उधमपुर में डुडु- बसंगतढ के पहाड़ी इलाके, सियोजधार सहित अन्य इलाकों में आतंकी लंबे समय से सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों का ही दावा है कि आतंकी पारंपरिक गुफाओं का इस्तेमाल आशियाने9 के रूप में कर रहे है।
इन सभी घटनाओं के बाद वीरवार को गृहमंत्री अमित शाह की जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा पर उच्च स्तरीय बैठक काफी अहम मानी जा रही है। ब्रिगेडियर विजय सागर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह बैठक काफी अहम है। जम्मू संभाग में लगातार आतंकी हमले हो रहे है। सेना और पुलिस के बीच समन्वय और ज्यादा बढ़ाने की जरूरत है। आतंकी पारंपरिक रूट का इस्तेमाल कर रहे है। ऐसे बड़ी बैठकों मेंइस तरह के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होती है, रणनीतियां बनाई जाती है।