श्रीनगर। कश्मीर संभाग के अधिकतर मैदानी इलाकों में वीरवार को दिनभर बारिश होती रही, जबकि दूरदराज के पर्वतीय इलाकों में हिमपात भी हुआ है। मौसम के खराब रहने से कश्मीर के अधिकतर भागों में तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनोें तक मौसम के ऐसे ही बने रहने का अनुमान व्यक्त किया है। श्रीनगर में बुधवार को दिन का तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि लेह में 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राज्य के कश्मीर संभाग में मौसम के बार-बार खराब बने रहने का असर आम नागरिक के साथ कश्मीर आने वाले हजारों पर्यटकों पर भी नजर आने लगा है। मौसम बिगड़ा मिजाज कश्मीर आने वाले पर्यटकों पर सितम ढा रहा है। गर्मी से राहत पाने के लिए कश्मीर का रुख करने वाले पर्यटकों को यहां आते ही कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड के चलते यहां आने वाले सैलानियों मेें की संख्या में खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। इसका असर पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसाइयों और आम मेहनतकश अवाम पर भी पड़ रहा है।
कश्मीर का मौसम बार-बार करवट ले रहा है। जून महीना करीब है, लेकिन अभी भी पारा ऊपर चढ़ने का नाम नहीं ले रहा है। कई स्थानों पर तापमान 3-4 के करीब अटका हुआ है। कई दिनों से हो रही बारिश से तापमान नहीं बढ़ पा रहा है। संभाग के कई पर्यटन स्थल, जिनमें गुलमर्ग पहलगाम तथा सोनमर्ग मुख्यतौर पर शामिल हैं, में मई माह में भी सैलानियों की संख्या कुछ खास नहीं बढ़ी है।
श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील के किनारे पर्यटकों को ठिठुरते हुए देखा जा सकता है। देश के अन्य भागों में अधिक गर्मी होने के कारण कश्मीर पहुंचे इन पर्यटकों को इसलिए भी परेशानी हो रही है क्योंकि इस सीजन में आने वाले पर्यटक अपने साथ अधिक गर्म कपडे़ नहीं लाते हैं। ऐसे में मौसम को बिगड़ता मिजाज उन पर और सितम ढाह रहा है।
गुजरात से आए करीब 120 पर्यटकों के दल के कई सदस्यों को इसी मुसीबत से गुजरना पड़ रहा है। उनमें से एक लक्ष्मीकांत पांडे के अनुसार वे पिछले चार वर्षों से इन्हीं दिनों कश्मीर घूमने आते रहे हैं। पहले इस माह में मौसम सुहावना होता था, जिसका वे खूब आनंद उठाते थे, लेकिन इस बार सर्दी काफी ज्यादा होने से वे पहले जैसा आनंद नहीं उठा सके। दल में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशनी हो रही है। दिलचस्प यह है कि इनमें से कइयों ने अधिक सर्दी वाले हिल स्टेशनों गुलमर्ग, सोनमर्ग अथवा पहलगाम जाने का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया है। कुछ पर्यटक श्रीनगर की सैर कर ही वापस लौटने को मजबूर हुए हैं। मौसम की मार पयर्टन उद्योग से जुडे़ व्यवासियों को भी झेलनी पड़ रही है।