श्रीनगर। प्रधानमंत्री के दौरे से दो दिन पहले शनिवार को आतंकियों ने दिन दिहाडे़ व्यस्त अमीराकदल चौक में तैनात दो पुलिस कर्मियों को गोली मार दी। हमले के बाद अफरा-तफरी के माहौल का लाभ उठाते हुए आतंकी भागने में सफल रहे। हमले की जिम्मेवारी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने ली है।
दोपहर करीब सवा दो बजे सचिवालय से मात्र आधा किलोमीटर दूर अमीराकदल पुल के करीब हनुमान मंदिर के सामने आतंकियों ने साइलेंसर लगी पिस्टल से दो पुलिसकर्मियों को प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारी दी। दोनों को गोलियां सिर में दागी गईं थीं। गोली लगते ही खून से लथपथ दोनों पुलिसकर्मी जमीन पर गिर पड़े और वहां अफरातफरी का माहौल व्याप्त हो गया। मंदिर की सुरक्षा के लिए तैनात केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने मोर्चा संभाला लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण वो जवाबी कार्रवाई नहीं कर सके। घायलों को आटो रिक्शा में श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही दोनों ने दम तोड़ दिया। आतंकी हमला होने की जानकारी मिलते ही राज्य पुलिस, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और सेना के जवान तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर ली। गोनीखान बाजार, महाराजा बाजार तथा पास के दूसरे इलाकों में गश्त की लेकिन हमलावर आतंकियों का कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस के आलाधिकारी तथा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के डीआईजी श्रीनगर उत्तर एचएस रावत भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। हमले में मारे गए पुलिस कर्मियों की शिनाख्त कांस्टेबल मोहम्म्द मकबूल और कांस्टेबल नजीर अहमद के रूप में की है। आतंकी हमला प्रधानमंत्री तथा यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के कश्मीर के दौरा शुरू होने से मात्र दो दिन पहले हुआ है। उनकी तैयारियों को लेकर समूचे कश्मीर में अत्याधिक सुरक्षा व्यवस्था बरती जा रही है। पुलिस ने शुक्रवार को ही लाल चौक इलाके में एक अभ्यास किया था और उसके मात्र 24 घंटे बाद ही आतंकी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे हैं। इस वारदात में गांदरबल में रहने वाली बच्ची इशरत के जख्मी होने की भी खबर है।