श्रीनगर। इंटरनेट पर रोक, मजहबी फतवे, कट्टरपंथियों की धमकी और पिछले वर्ष घाटी के इकलौते युवतियों के राक बैंड पर प्रतिबंध के बावजूद घाटी की युवतियों का मनोबल मजबूत है। उन्होंने वीरवार को राज्य पुलिस की ओर से आयोजित छूना है आसमान संगीत प्रतियोगिता में गजब के उत्साह के साथ अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
वीरवार से शुरू हुई संगीत प्रतियोगिता का यह तृतीय चरण है। इसमें 10 युवतियों और 25 युवाओं ने फाइनल में प्रवेश किया। अपनी गायकी से सभी का मन मोहने वाली मसरत अजीज का कहना है कि गायकी उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। वह हर परिस्थिति में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने की कोशिश जारी रखेंगी। प्रतियोगिता में शामिल उरूज खान और कुलसूमा ने बताया कि वे इस संगीत प्रतियोगिता में दिल से भाग ले रहीं और उत्साह के साथ अपने हुनर का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्हें संगीत से प्यार हैं। वह किसी से डरने वाली नहीं हैं। कुलसूमा के मुताबिक वह गायकी में नाम रोशन करना और राज्य भर में इसे पहुंचा चाहती हैं। हालांकि उन्होंने फतवा पर बात करने से इंकार कर दिया। प्रतियोगिता में 22 युवा-युवतियों ने भाग लिया है। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री मुहम्मद अकबर लोन और कश्मीर विश्वविद्यालय के उप कुलपति तलत अहमद भी मौजूद थे। आईजी अब्दुल गनी मीर ने संगीत प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवक-युवतियों की सराहना की। प्रतियोगिता आयोजक पुलिस के मुताबिक जूनियर वर्ग में बिलाल उरूज जावेद को पहला स्थान मिला। अर्सलान हामिद और लाफिज बिलाल ने दूसरा स्थान हासिल हुआ। प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में वकार खान और मसरत अजीज ने पहला स्थान प्राप्त किया। सबीका वानी और तनवीन अली ने दूसरा स्थान हासिल किया। इस मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।