श्रीनगर। गर्मियों की राजधानी श्रीनगर में प्रशासन के लिए आगामी कुछ माह किसी चुनौती से कम नहीं है। छह माह के लिए दरबार मूव से शहर में वाहनों का दबाव सबसे अधिक परेशानी पैदा करने वाला है।
सरकारी आंकड़ों पर विश्वास किया जाए, तो कश्मीर संभाग में पंजीकृत वाहनों की एक बड़ी संख्या में से अधिक श्रीनगर जिले में है। दरबार मूव तथा पर्यटकों के वाहन की संख्या अलग है। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि 31
मार्च 2013 तक कश्मीर संभाग में पंजीकृत वाहनों की कुल संख्या 3,91,100 के करीब थी, जबकि इनमें वाहनों की एक बड़ी संख्या 2,15,236 श्रीनगर में है। सबसे कम संख्या बांडीपोरा जिले में है। यहां सरकारी तौर पर कुल पंजीकृत वाहन केवल 3270 बताए गए हैं। बड़गाम जिले में 40207 तथा बारामुला में 39361 बताई गई है। संभाग के श्रीनगर जिले में दो लाख से भी अधिक वाहनों की संख्या यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने वाली है।
सचिवालय खुलने के साथ सैकड़ों वाहन तथा सैर सपाटे के लिए कश्मीर आने वाले असंख्य वाहन इनमें शामिल नहीं है। ट्रैफिक पुलिस कश्मीर रेंज के डीआईजी जगजीत कुमार बताते हैं कि शहर में पहले से ही वाहनों की बड़ी संख्या हैं।
सचिवालय के साथ पर्यटकों के वाहनों का आना स्थिति को और जटिल बना देता है। अमरनाथ यात्रा भी शुरू होने वाली है। अमरनाथ यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जवान इस काम में जुटे हुए हैं।