श्रीनगर। आतंकवादियों द्वारा धमकी देने और हमला करने की वजह से उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर इलाके के पंच-सरपंच दहशत में हैं। हालत यह हो चली है कि कई पंच-सरपंच अपने पैतृक इलाकों से पलायन कर चुके हैं, वहीं कई लोगों के जम्मू रवाना होने की सूचना मिली है।
मंगलवार को चार पंच-सरपंचों के श्रीनगर में पत्रकारों के समक्ष त्यागपत्र देने की खबर है, हालांकि अधिकारिक तौर पर सिर्फ एक पंच के त्यागपत्र देने की पुष्टि की गई है। गौर करें, तो अब तक 40 के करीब पंच-सरपंच त्यागपत्र देने की घोषणा कर चुके हैं।
अमर उजाला द्वारा एकत्रित की गई जानकारी के अनुसार अधिक संवेदनशील माने जाने वाले सोपोर विधानसभा इलाके में दो ब्लाक सोपोर तथा जैनागीर पड़ते हैं। सोपोर में 22 सरपंच और 182 पंच हैं, वहीं जैनागीर ब्लाक में देहाती इलाका अधिक होने के कारण यहां पंच-सरपंचाें की अधिक संख्या हैं। उपलब्ध आंकड़ाें के अनुसार इस ब्लाक में कुल 348 पंच-सरपंच हैं। इसमें सरपंचों की संख्या कुल 37 थी, एक सरपंच की मृत्यु हो जाने के बाद यह घटकर 36 रह गई है। वहीं पंचों की कुल संख्या 311 बताई गई है ।
सिर्फ एक पंच के त्यागपत्र देने की पुष्टि
सोपोर के विकास खंड अधिकारी कुंदनवीर कौर तथा जैनागीर ब्लाक के विकास खंड अधिकारी अब्दुल रशीद ने बताया कि अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने अधिकारिक तौर पर उनके कार्यालय में आकर त्यागपत्र नहीं दिया है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें त्यागपत्र दिए जाने की जानकारी भी समाचार पत्रों के माध्यम से मिल रही है। जिले के रफियाबाद ब्लाक से एक पंच ने त्यागपत्र दिया है। इसकी पुष्टि बारामूला के जिला उपायुक्त कर चुके हैं ।
बीडीओ कार्यालय का काम भी होने लगा प्रभावित
सोपोर तथा जैनागीर ब्लाकों के खंड विकास अधिकारी यह मानते हैं कि गौरीपोरा इलाके के सरपंच हबीबुल्लाह की हत्या तथा हर्द-शिवा से महिला पंच जूना बेगम को गोली मारने की घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। बीडीओ कार्यालय में पंच-सरपंचों ने आना भी बंद कर दिया है। उनके कार्यालय में नहीं आने के कारण काम भी प्रभावित होने लगे हैं।
सुरक्षित इलाकों की तरफ रुख करना शुरू किया
सोपोर क्षेत्र में आतंकी हमलों के बाद जान बचाने की खातिर कई लोगों के सुरक्षित इलाकों में चले जाने की खबर है। जानकारी के अनुसार अब तक लगभग दो दर्जन प्रतिनिधियों के जम्मू चले जाने की बात सामने आई है। इस बीच मंगलवार को चार पंचाें ने, जिसमें एक महिला भी शामिल हैं, श्रीनगर में अपने पदों से त्यागपत्र देने की घोषणा की।