राजकीय माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को जनपदीय अधिवेशन में प्रतिभाग करने के लिए दो दिन का अवकाश मिला, लेकिन शिक्षक 2 के बजाय 4 दिन स्कूल से गैरहाजिर हो गए।
तहसील कीर्तिनगर के अंतर्गत 3 राजकीय माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान एसडीएम नूपुर वर्मा के सामने यह मामला आया। इन 3 विद्यालयों के 34 में से 31 शिक्षक अधिवेशन के नाम पर 4 दिन तक अवकाश पर रहे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
एसडीएम ने गत 18 मई को 3 राजकीय माध्यमिक/हाईस्कूल और 12 प्राथमिक/जूनियर विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जीआईसी डांग, जीआईसी कपरौली और जीआईसी डांगचौरा में 34 शिक्षकों में 31 अनुपस्थित थे। शिक्षकों ने उपस्थिति पंजिका में 15 से 18 मई तक जनपदीय अधिवेशन प्रतिभाग दर्शाया है।
डांगचौरा में कक्षा 9 और 10 के छात्र-छात्राओं को भी 4 दिन का अवकाश दे दिया गया। एसडीएम ने बताया कि अधिवेशन के लिए सिर्फ 16 और 17 को अवकाश दिया गया था, लेकिन शिक्षकों ने 4 दिन का अवकाश दर्शाया है। उन्होंने बताया कि जीआईसी डांग के प्रधानाचार्य भ्रमण के दिन अनुपस्थित थे।
उन्होंने अपना प्रभार डीपी बहुगुणा को सौंपा था, लेकिन वह स्वयं विद्यालय से गैरहाजिर थे। उप खंड शिक्षा अधिकारी को बहुगुणा के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।