गढ़वाल विश्वविद्यालय ने बीएड सत्र के एनआरआई कोटे में कराए गए 105 छात्रों के प्रवेश निरस्त कर दिए है। विवि प्रशासन का कहना है कि विवि की अनुमति बिना सत्र में प्रवेश दिए गए। जबकि निजी संस्थान विवि की गाइडलाइन के अनुसार प्रवेश दिए जाने की बात कह रहे है।
बीएड पाठ्यक्रम में एनआरआई कोटे की सीटों को लेकर गढ़वाल विवि प्रशासन व निजी बीएड संस्थान आमने सामने आ गए हैं। गढ़वाल विवि से संबद्ध करीब 23 निजी बीएड संस्थानों में 105 छात्रों ने एनआरआई कोटे से प्रवेश लिया है। 27 फरवरी को गढ़वाल विवि के कुलसचिव कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में निजी बीएड संस्थानों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि बिना विवि की अनुमति के बीएड सत्र 2016-18 में एनआरआई कोटे के तहत दिए गए प्रवेश मान्य नहीं होंगे।
वहीं निजी बीएड संस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि सभी निजी संस्थानों ने विवि की गाइड के अनुसार ही एनआरआई कोटे के तहत प्रवेश दिए हैं। निजी संस्थानों ने अनुमति के लिए पिछले वर्ष विवि को छात्रों की सूची सहित अन्य दस्तावेज भेजे थे, लेकिन विवि प्रशासन ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की हैं। निजी संस्थानों का कहना है कि अब विवि परीक्षा से ठीक पहले एनआरआई कोटे की सीटों पर प्रवेश लेने वाले छात्रों को अमान्य घोषित कर रहा है। जो तर्क संगत नहीं है।
निजी संस्थानों ने एनआरआई कोटे के लिए छात्रों की सूची विवि को भेजी जरूर थी, लेकिन विवि ने किसी संस्थान को अनुमति नहीं दी। बावजूद इसके निजी संस्थानों ने प्रवेश दिए हैं। जो अमान्य हैं।
डा. एके झा, कुलसचिव, गढ़वाल विवि