नरेंद्र मोदी के रावी तट से हुंकार के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जवाब के लिए चिनाब तट का चयन किया है।
मोदी ने रैली के लिए जम्मू कश्मीर की सीमा पर स्थित माधोपुर को चुनाव और कांग्रेस नेताओं ने भूकंप पीड़ित आबादी के घाव पर मरहम से शुरुआत की योजना बनाई है।
ऐतिहासिक चौगान मैदान तैयार है, जहां से मनमोहन और सोनिया विकास की उपलब्धियों को गिनाते हुए मिशन 2014 का आगाज करेंगे।
किश्तवाड़ में पीएम और सोनिया की रैली की तैयारियां पूरी हो गई हैं। प्रधानमंत्री यहां रिटले पावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखने के बाद आम लोगों को संबोधित करेंगे।
850 मेगावट क्षमता के इस पावर प्रोजेक्ट से इस क्षेत्र के बिजली संकट के समाधान की उम्मीद है। प्रधानमंत्री पुनर्वास कार्यक्रम में दर्जनों पावर प्रोजेक्ट का जाल बिछाया जाना है लेकिन अधिकांश प्रोजेक्टों की गति धीमी है।
अब इस क्षेत्र को नया तोहफा मिलने वाला है। पीपीपी मॉडल पर आधारित इस प्रोजेक्ट को आंध्र प्रदेश की कंपनी जीवीके को सौंपा गया है।
पीएमआरपी के 30 हजार करोड़ के तमाम प्रोजेक्टों की समीक्षा, दौरे से पहले पीएम ने की है। 2004 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम को अब गति दी जा रही है, जब चुनाव नजदीक हैं।
पीएम और सोनिया की रैली में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला को भी रहना है। यह नेकां पर एनडीए की ओर से डाले जा रहे डोरे का जवाब भी है। केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद और प्रभारी अंबिका सोनी भी रैली में उपस्थित रहेंगी।
किश्तवाड़ सुरक्षा बलों की छावनी में तब्दील हो गई है। चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं। वाहनों और संदिग्ध लोगों की छानबीन जारी है। किश्तवाड़ की सीमा पर ही सभी वाहनों को कड़ी जांच से गुजरना पड़ रहा है।
जगह-जगह नाके लगे हैं। पहचान पत्रों की जांच हो रही है। चौगान मैदान पूरी तरह सील है। किश्तवाड़ पीएम के स्वागत को तैयार है। जगह-जगह तोरणद्वार और बैनर लगाए गए हैं। शहर दुल्हन की तरह सज गया है।