रियासत में सरकार बनाने के लिए भाजपा और पीडीपी की ओर से कुछ संकेत मिलने के बाद मंगलवार को राज्यपाल एनएन वोहरा की अध्यक्षता में होने वाली राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की बैठक स्थगित कर दी गई।
आधिकारिक प्रवक्ता ने इसका कोई कारण बताए बिना कहा कि मंगलवार को होने वाली एसएसी की बैठक स्थगित कर दी गई है। रियासत में निर्वाचित सरकार नहीं होने के कारण 2016-17 के बजट पर चर्चा के लिए एसएसी की बैठक बुलाई गई थी।
बैठक को स्थगित करने का फैसला केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने संसद में कहा था कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के लिए कुछ अलग करना चाहती है। इससे पीडीपी और भाजपा के बीच सरकार बनने की संभावनाओं को बल मिला है।
जेटली ने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के तीनों खित्तों के विकास के लिए कटिबद्ध है। रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के अगले दिन आठ जनवरी से राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया था।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि वह रियासत के विकास के लिए राजनीतिक और आर्थिक फ्रंट पर कुछ खास घोषणा करे, ताकि भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने का रास्ता साफ हो सके। पीडीपी ने अन्य मांगों के अलावा रियासत में चल रहे दो नेशनल हाइडल पावर प्रोजेक्ट (एनएचपीसी) राज्य को वापस देने की मांग की है।