लंबित मामलों के निपटारन में तेजी लाने, प्रशासन में जिम्मेदारी तय करने और पारदर्शिता लाने के मामले में राज्य सतर्कता आयोग ने गृह विभाग के साथ एक समीक्षा बैठक बुलाई, ताकि विभागों में लंबित पड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में तेजी लाई जा सके।
आयोग ने विभागों के अफसरों पर दबाव डालते हुए कहा कि शिकायतों और जांच को तय समय सीमा के अंदर पूरा किया जाए। गृह विभाग के विशेष सचिव ने शिकायतों की जानकारी देते हुए कहा कि 567 शिकायतों में से 375 का निपटारा कर दिया गया। 37 मामलों में कार्रवाई के लिए लिखा गया है, जबकि 12 केस की स्टेटस रिपोर्ट की जांच चल रही है।
आयोग ने अगली समीक्षा बैठक 11 मई 2016 तय की और निर्देश दिए कि इससे पहले तमाम जांच और शिकायतों का फैसला प्राथमिकता के आधार पर कर लिया जाए। विभागीय विजिलेंस सिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘शिकायत निगरान तंत्र’ को अपग्रेड कर नियमित बैठक की जाए।
इसके अलावा तमाम जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और आन लाइन गन लाइसेंस निर्गमन सुनिश्चित किया जाए। आयोग ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे सभी पुलिस थानों, प्रमुख ट्रैफिक चेक प्वाइंट पर लगाए जाएं, ताकि पुलिस विभाग में आंतरिक सतर्कता बरती जा सके।
बैठक की अध्यक्षता मुख्य सतर्कता आयुक्त कुलदीप खुड्डा ने की, जबकि सतर्कता आयुक्त डा. आरके जीरथ, गौस-उल-निसा जिलानी, गृह विभाग के विशेष सचिव, फायर एंड इमरजेंसी के डायरेक्टर, आयोग के सचिव, अतिरिक्त सचिव व अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।