वार्षिक अमरनाथ यात्रा को बेहद फुलप्रूफ सुरक्षा प्रदान करने की कवायद भी शुरू हो गईं हैं। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारियों ने सुरक्षा स्तर की समीक्षा शुरू कर दी है और अर्धसैनिक बलों ने दोनों आधार शिविरों पर बलों की तैनाती के लिए पोस्टें आदि बनाने का काम भी शुरू दिया गया है।
28 जून को शुरू होने वाली यात्रा के लिये पैदल यात्रा मार्ग पर बलों की तैनाती का काम 15 से 20 जून तक पूरा हो जाने की संभावना है। यात्रा के दौरान दौरान तीन स्तरीय सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
पवित्र अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के साथ-साथ अब राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है। उसने भी सुरक्षा प्रदान करने की मशक्कत शुरू कर दी है।
सुरक्षा के लिए सैनिक बलों की 74 कंपनियों की तैनाती की जानी है, जबकि सेना को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा। मौसम के खराब होने के बाद यात्रा मार्ग पर हुए ताजा हिमपात के कारण सुरक्षा पोस्टों के निर्माण कार्यों में कुछ विलंब आया था, लेकिन मौसम के साफ होते ही मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाने शुरू कर दिए गए हैं।
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के प्रवक्ता बताते हैं कि बालटाल और पहलगाम दोनों आधार शिविरों पर देशभर से पहुंचने पाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने कमर कस ली है।
सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। दोनों आधार शिविरों तथा यात्रियों के सड़क मार्ग तथा पैदल यात्रा मार्ग पर तैनाती के लिए तैयारी शुरू हो चुकी हैं।
यात्रा शुरू होने से पूर्व 15 से 20 जून तक सुरक्षा बलों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारी बताते हैं कि आतंकी खतरों को देखते हुए यात्रा के दौरान इस बार भी तीन स्तरीय (थ्री टायर) सुरक्षा प्रदान की जानी है।
सबसे पहले सेना के दलों को गुफा के आसपास तथा यात्रा मार्ग के इर्द गिर्द मोर्चा बंदी करनी है और उसके बाद ही अर्धसैनिक बलों के दलों की रवानगी होगी। सूत्र बताते हैं कि सेना के दल 15 जून को गुफा की ओर रवाना कर दिए जाएंगे और उसके बाद केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा सीमा सुरक्षा बल की कंपनियां को भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।