ईद की नमाज के बाद शहर में दंगा भड़क उठा और हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 60 से ज्यादा जख्मी हो गए। दंगाइयों ने सौ से ज्यादा दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
हालात पर काबू पाने के लिए सेना बुलाने के अलावा बेमियादी कर्फ्यू लगा दिया गया है।
आरोप है कि दंगा भड़कने के घंटों बाद प्रशासन ठीक से हरकत में आया जबकि बृहस्पतिवार को ही शहर में चिपकाए गए पोस्टरों से यह आसार नजर आने लगे थे कि शरारती तत्व खुराफात कर सकते हैं। पूरे फसाद के दौरान सूबे के गृह राज्य मंत्री सज्जाद अहमद किचलू किश्तवाड़ में ही मौजूद थे।
इस बीच सरकार ने किश्तवाड़ के डीसी चौ. सलीम खान और एसएसपी सुनील गुप्ता का तबादला कर दिया है। शाम को क्षेत्र में सेना ने फ्लैग मार्च किया। हिंसा के बाद मचेल यात्रा भी रोक दी गई है।
आला अफसरों से बार-बार यह जानने की कोशिश की गई कि दंगा रोकने के लिए कर्फ्यू लगाने और सेना की मदद लेने में देरी क्यों की जा रही है, लेकिन किसी के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। देर रात डिवीजनल कमिश्नर शांत मनु को किश्तवाड़ कांड की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
घटनाक्रम के अनुसार किश्तवाड़ के हुलर गांव में शुक्रवार को ईद की नमाज पढ़ने के बाद इलाके के लोग जुलूस निकाल कर परेड ग्राउंड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जुलूस में शामिल कुछ लोग राष्ट्र विरोधी नारे लगाने लगे। रास्ते में किसी पुलिसकर्मी से उनका विवाद हो गया।
इसके बाद लोग डाक बंगले तक पहुंचे और अफवाह फैला दी कि पुलिसकर्मियों ने उनके लोगों पर पथराव किया और पीटा। इसके बाद भीड़ भड़क गई और एक खास समुदाय के लोगों की दुकानों, होटल व प्रतिष्ठानों में आग लगानी शुरू कर दी।
देखते ही देखते दंगाइयों ने दुकानों, होटलों, सरकारी कार्यालयों और अन्य स्थानों पर आगजनी शुरू कर दी। कुछ स्थानों पर लोग खुलेआम लूटपाट करते दिखे। किचलू के स्वामित्व वाले शाहान काम्पलेक्स में स्थित बंदूक की दुकान भी लूट ली गई।
पुलिस पहले तो असहाय सी तमाशा देखती रही, बाद में हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग की। हिंसा में अरविंद नामक युवक की मौत हो गई जबकि एक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
गंभीर रूप से घायल सात लोगों में से पांच को एअरलिफ्ट कर उधमपुर के कमांड हास्पीटल में भर्ती कराया गया है। हालात काबू से बाहर होने पर डीजीपी अशोक कुमार और मुख्य सचिव इकबाल खांडे सहित तमाम आला अफसर मौके पर पहुंचे। किश्तवाड़ हिंसा के विरोध में जम्मू संभाग में अनेक स्थानों पर जुलूस निकाले गए और प्रदर्शन हुए। शनिवार को जम्मू संभाग में बंद का आह्वान किया गया है।