लाल चौक सहित आस पास के इलाकों में लागू की गईं सख्त पाबंदियां
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पुलिस ने बुधवार को जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक अमानुल्लाह खान का गायबाना जनाज़ा नहीं पढ़ने दिया। श्रीनगर के लाल चौक और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाई गईं।
हालात को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों के जवान तैनात किए गए थे। यहां तक कि लाल चौक की ओर जाने वाले सभी रास्तों समेत माईसुमा इलाके को कंटीले तारों से सील कर दिया गया था। जेकेएलएफ चेयरमैन यासीन मलिक को सुबह ही पुलिस द्वारा कोठी बाघ थाने में हिरासत में ले लिया गया।
उन्होंने ही लाल चौक में दोपहर दो बजे अमानुल्लाह खान का गायबाना जनाज़ा पढ़ने के लिए लोगों को एकत्रित होने को कहा था। तमाम पाबंदियों के बावजूद दोपहर को जेकेएलएफ के नेता नूर मोहम्मद कलवाल, एडवोकेट बशीर अहमद भट सहित सैंकड़ों लोग माईसुमा से थोड़ी दूर बसंत बाग चौक में गायबाना जनाज़ा पढ़ने के लिए एकत्रित हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
उनके साथ आए लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। यहीं पर हुर्रियत (म) द्वारा भी एक शोकसभा का आयोजन किया गया था, लेकिन इसके अध्यक्ष मीरवाइज़ मौलवी उमर फ़ारूक़ को घर से निकलने नहीं दिया गया।
लोगों को करना पड़ा परेशानियों का सामना
लाल चौक और आसपास के इलाकों में पाबंदियों के चलते आम लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। इन इलाकों में यातायात, दुकानें, शिक्षण संस्थान व अन्य कारोबारी संस्थान बंद कर दिए गए थे।