एनआईटी श्रीनगर पहुंची एचआरडी की टीम को गैर कश्मीरी छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें तरह-तरह से डराया-धमकाया जा रहा है। छात्राओं ने यहां तक आरोप लगाया कि हमें यहां तक कहा जाता है कि एक का रेप होगा तो सब चुप हो जाएंगी।
गैर कश्मीरी छात्रों का सबसे ज्यादा जोर एनआईटी शिफ्ट करने और उससे भी पहले उन्हें घर जाने देने पर था। करीब दो घंटे तक विद्यार्थियों को सुनने के बाद टीम ने एनआईटी एडमिनिस्ट्रेशन के साथ भी एक बैठक की।
इस मौके पर आईजीपी कश्मीर एमजे गिलानी भी मौजूद थे। एनआईटी जीओबी के चेयमैन जराबि ने छात्रों से कहा कि वे उन्हे सुनने के लिए आये हैं। हम उन सब मुद्दों को सुनेंगे जो आपको परेशान करते हैं और उनका समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। टीम ने छात्रों की मांगें सुनीं और उनके पास मौजूद वीडियो, फोटो आदि देखे।
हालात सुलझने के बजाये उलझते दिख रहे हैं
कैंपस में प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई फोटो
छात्रों का कहना था कि उन्हे बार बार धमकाया जाता है इसलिए जब तक स्थिति नियंत्रण में नहीं आती तब तक वह अपने आपको असुरक्षित महसूस करते हैं। छात्रों ने कहा कि हम पर पहले पत्थर फेंकने का गलत आरोप लगाया गया। छात्रों को सिर में डंडे मारे गए, जिससे पुलिस के मंसूबे साफ उजागर होते हैं।
करीब 2 घंटे तक छात्रों और एमएचआरडी की टीम के बीच हुई बातचीत के बाद मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने एक बैठक डायरेक्टर एनआईटी के साथ भी की जिसमें कईं मुद्दों को लेकर चर्चा हुई। बताया गया कि जब तक छात्रों की परीक्षाएं खतम नहीं होती तब तक यह टीम यहीं रहेगी।
अमर उजाला द्वारा जब कुछ छात्रों से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उनकी परीक्षाएं तीन दिन (11, 12 और 13 अप्रैल) चलनी हैं लेकिन वह इसमें नहीं बैठेंगे क्योंकि हमारी एक ही मांग है यहां से एनआईटी को शिफ्ट करना। सूत्रों की मानें तो एमएचआरडी, छात्रों और एडमिनिस्ट्रेशन के बीच हुई बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचते नहीं दिख रही। हालात सुलझने के बजाये उलझते दिख रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें
एनआईटी के बाहर तैनात सुरक्षा बल के जवान
- फोटो : अमर उजाला
* एनआईटी को श्रीनगर से शिफ्ट किया जाए।
* हमें पहले सेफ पैसेज देकर घर भेजा जाए।
* पुलिस ने जो किया वो सबने देखा, वीडियो भी वायरल हुए हैं। दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
* डीएसपी के बयान को बदला जाए जिसमें उन्होंने कहा है कि हमने उनपर पहले पत्थर बरसाए।
* हमारा तिरंगा जो उनके (पुलिस) पास है उसे वापस दिलवाया जाए।
* मीडिया को अंदर आने दिया जाए ताकि वह जायज़ा लें कि सही स्थिति क्या है।
* एमएचआरडी की फेक न्यूज़/बयान को बदला जाए जिसमें कहा गया है कि सब नार्मल है।