जिला अस्पताल की डेंटल ओपीडी में एक्सरे मशीन कई माह से खराब है, जिससे मरीजों को महंगे दामों पर बाजार से एक्सरे करवाना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, हर रोज 30 से 40 मरीज अस्पताल में अपने दांतों की जांच के लिए आते हैं। डेंटल सर्जन डा. नफीस डार के अनुसार, अधिक मरीजों की जांच दांतों का एक्सरे करने के बाद ही संभव हो पाती है।
मशीन खराब होने से सभी मरीजों को एक्सरे के लिए बाजार जाना पड़ता है। जो एक्सरे अस्पताल में केवल 10 या 20 रुपये खर्च करने पर हो सकता है, वही बाजार में 80 से 100 रुपये लेकर किया जाता है। एक अनुमान के अनुसार, एक्सरे मशीन खराब होने से जिला अस्पताल के राजस्व में हर रोज 500 से 700 रुपये तक की सेंध लग रही है। पिछले करीब आठ माह से मशीन खराब होने से अब तक करीब एक लाख से भी अधिक रुपये की सेंध लग चुकी है।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. महमूद अहमद के अनुसार, डेंटल एक्सरे मशीन की कीमत करीब 70 हजार रुपये है। यदि अब तक मशीन ले ली गई होती तो उससे से दो गुना रुपये अस्पताल के राजस्व में जमा हो गए होते।
इस संबंध में राजोरी के सीएमओ डा. राजीव शर्मा ने बताया कि कई बार विभाग के निदेशक को लिखित में नई मशीन भेजने के लिए कहा गया है। कुछ दिन पहले ही निदेशक ने भरोसा दिलाते हुए कहा था कि मशीन कुछ ही दिनों में भेज दी जाएगी।