शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के मकसद से करीब तीन वर्ष पहले शुरू किया गया बाई पास का निर्माण कार्य अभी भी पूरा नहीं हो पाया है। केवल दो किलोमीटर बाईपास को तीन वर्षों में भी पूरा नहीं किया जा सका है।
शहर के हर समय अति व्यस्त रहने वाले अब्दुल्ला पुल के करीब ही एक नया पुल बना कर बाईपास का निर्माण किए जाने की योजना बनाई गई थी। पुल का निर्माण समय रहते ही पूरा कर लिया गया था। लेकिन बाईपास का निर्माण फंड् की कमी की भेंट चढ़ गया।
बाईपास शहर को जिला अस्पताल, थन्नामंडी, दरहाल, पीजी कालेज और खेवरा आदि क्षेत्रों के साथ जोड़ती है और इसके निर्माण से लोगों को बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम से काफी हद तक निजात मिलनी थी, लेकिन फंड् की कमी के चलते इसका निर्माण कार्य अधर में लटका पड़ा है।
राजोरी के पूर्व एमएलए ने कई बार फंड् उपलब्ध करवा कर जल्द बाईपास के निर्माण को पूरा करने का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं। वहीं बाईपास के लिए बनाए गए नए पुल को लोगों ने पार्किंग के लिए प्रयोग करना शुरू कर दिया है। हर रोज दर्जनों छोटे बड़े वाहन पुल पर खड़े कर दिए जाते हैं।