जासूसी के आरोप में फंसे मंजाकोट तहसील के कलाल गांव निवासी बीएसएफ हवलदार अब्दुल रशीद और राजोरी के हायर सेकेंडरी स्कूल में लाइब्रेरी असिस्टेंट कफायतउल्ला के परिवार वालों ने उनके कृत्य को शर्मनाक बताया है। दोनों पर फाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने का आरोप है।
हालांकि परिवार ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही है। वहीं स्कूल के प्रिंसिपल ने भी इस मामले में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार किया है। सोमवार को बीएसएफ के हवलदार अब्दुल रशीद के पिता फजल हुसैन ने बताया कि वह कब से और किन हालात में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया, इस बात की परिवार के पास कोई जानकारी नहीं थी।
कफायतउल्ला की पत्नी मसरत बेगम ने भी इस मामले के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही है। मसरत ने बताया कि उसके पति कफायतउल्ला वर्ष 2013 में अपने कुछ रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान गए थे, लेकिन वहां आईएसआई के संपर्क में आने और घर लौटने के बाद देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के बारे में न तो उसे न ही परिवार के किसी सदस्य को कोई जानकारी है।
हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल नरेश शर्मा ने कहा कि स्कूल में तैनात लैब असिस्टेंट का राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होना शर्मनाक मामला है। इससे स्कूल का नाम बदनाम हुआ है, लेकिन स्कूल के पास इस बात की पहले से कोई जानकारी नहीं थी।