राजौरी के दूर-दराज गांव कोटरंका बुड्डल में सिलाई मशीन प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। महिला कल्याण विभाग अधिकारी ने बताया कि यहां महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आगे चल कर आत्मनिर्भर बन सकें।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के दूर-दराज इलाकों में जनजातीय महिलाओं के सश्क्तिकरण के लिए सिलाई मशीन प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। राजौरी के गांव कोटरंका बुड्डल में महिलाएं ट्रेलरिंग का काम सीख रही हैं। इस दौरान कोविड नियमों का भी पालन किया जा रहा है।
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प्रशिक्षण केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए महिला कल्याण विभाग अधिकारी अनुम मिर्जा ने बताया कि प्रदेश सरकार की तरफ से लोगों की सुविधाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में भी लोगों के घर-द्वार पर सरकार कई योजनाएं लेकर पहुंच रही है। इसी क्रम में कोटरंका में महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आगे चल कर आत्मनिर्भर बन सकें। यहां महिलाओं को जागरुक और सश्क्त बनाया जा रहा है। साथ ही उन्हें नया हुनर भी सिखाया जा रहा है।
केंद्र में प्रशिक्षण लेने पहुंची महलिओं ने बताया कि उनके गांव से शहर दूर है। ऐसे में शहर जाकर कुछ नया सीखना महिलाओं के मुश्किल हो जाता है, लेकिन अब सरकार की ओर से गांव में ही प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। उन्हें यहां आकर नई चीजें सीखने को मिल रही हैं। वे सरकार कि इस योजना से खुश हैं। यहां पर सभी चीजें बड़ी तहजीब के साथ सिखाई जा रही है। इससे महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि अन्य महिलाओं को भी इस योजना का लाभ लेना चाहिए।