शहर में पत्थर मार कर सांप्रदायिक सौहार्र्द बिगाड़ने वालों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में बार-बार विफल होने के बाद जिला पुलिस ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। एएसपी तेजिंद्र सिंह और डीएसपी हेड र्र्क्वाटर अब्दुल हमीद चौधरी ने मंगलवार को पत्रकारों से सहयोग मांगा।
शहर की पुलिस चौकी में पत्रकारों के साथ एक विशेष बैठक में एएसपी ने कहा कि हर संभव प्रयास करने के बाद भी पुलिस पत्थर मारने वालों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। शहर की हर गली, चौक पर पुलिस का कड़ा पहरा करने और सादे कपड़ों में पुलिस कर्मी तैनात करने के बाद भी पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाई है। कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ करने पर भी कुछ हासिल नहीं हो पाया है।
पुलिस का सीआईडी विंग और अन्य खुफिया एजेंसियां भी काफीे प्रयास के बाद कोई सफलता प्राप्त नहीं कर पाई हैं। इस अवसर पर एएसपी और डीएसपी ने पत्रकारों से सहयोग मांगते हुए अपील की कि वह पत्थर मारने वालों की पहचान करने में पुलिस की सहायता करें। पत्रकारों से कहा गया कि यदि उन्हें किसी से भी कोई जानकारी प्राप्त होती है तो वह पुलिस के साथ उसे बांटे, ताकि मिल कर शहर के माहौल को खराब होने से बचाया जा सके।
एएसपी ने शहर में जल्द सीसीटीवी कैमरे लगाने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ इस मसले पर बात चल रही है। बहुत जल्द शहर के कुछ संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले एक हफ्ते से शहर के मुख्य चौक और आसपास की दुकानों को अपना निशाना बनाने के मकसद से कुछ अज्ञात लोग पत्थर और दूध की खाली बोतलें फेंक रहे हैं। उधर, भाजपा की जिला इकाई ने जिला प्रशासन और पुलिस को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भाजपा प्रदर्शन पर उतरेगी।