पुत्र के मिलते ही माता-पिता की आखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। सेना ने लापता पुत्र को उसके परिवारवालों से मिलाकर एक बार फिर साबित कर दिया कि वह लोगों की मदद में पीछे नहीं है।
बालक मंजर हुसैन ने बताया कि वह मवेशी चरा रहा था, लेकिन गलती से रास्ता भटक कर नियंत्रण रेखा पार चला गया।
इस दौरान पाक सेना ने उसे तंग नहीं किया। गौरतलब है कि नौशेरा तहसील के सीमावर्ती गांव सरिया से 14 नवंबर को घर से बाहर मवेशी चराने निकला बालक मंजर हुसैन (13) अचानक लापता हो गया था। जिससे बालक के परिवार वाले परेशान हो गए। माता-पिता ने सेना और पुलिस की मदद ली। सेना ने लापता बालक के संबंध में पाक अधिकारियों से संपर्क साधा।
जिस पर पाक अफसरों ने बालक के बारे में जानकारी दी। भारतीय सेना ने बालक को उड़ी से लाकर उसके परिवार वालों को सौंप दिया। अपने बेटे को सही सलामत पाकर माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। इस मदद के लिए परिवार वालों ने सेना का आभार जताया। कहा कि सेना की वजह से ही आज उनके परिवार में खुशियां लौटी हैं।