शहर में सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए सेना ने सेमिनार आयोजित किया। राजोरी स्थित सेना की ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन ने रैणा ऑडोटोरियम में आयोजित सेमिनार में राजोरी-पुंछ सीमावर्ती जिलों के स्कूल कॉलेज विद्यार्थियों ने सेमिनार में भाग लिया।
इस सेमिनार में विभिन्न वक्ताओं ने विकास और तरक्की के लिए अमन व शांति पर बल देते हुए कहा कि जब तक अमन, शांति व आपसी भाईचारा नहीं होगा, तब तक विकास की ओर आगे बढ़ पाना भी संभव नहीं होगा।
जम्मू कश्मीर राज्य में विकास को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक विविधताओं को जीवित रखने के लिए हर किसी को आगे आना होगा, साथ ही विभिन्न धर्म का सम्मान करना होगा।
सेमिनार के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल डीए चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे सेमिनार आयोजित करने के पीछे मुख्य उद्देश्य राजोरी में सांप्रदायिक दंगों पर अंकुश लगाना और विभिन्न धर्मो के लोगों को एक साथ जोड़ना है।
जीओसी ने आम जनता को अन्य धर्मो के प्रति संवेदनशीलता, सहिष्णुता और सम्मान के लिए शिक्षित करने पर बल देने को कहा।
यह सजातीय और समृद्घ समाज के निर्माण के लिए बहतु जरूरी है। सेना के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर सेतेंद्र सिंह ने राजोरी के बेहतर भविष्य के लिए धार्मिक विविधताओं के दहन पर बल दिया।