शिक्षा विभाग में गड़बड़ी की खबरें तो आती रहती हैं लेकिन इस बार तो शिक्षा विभाग ने हद ही कर दी।
शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर पुंछ जिले के सभी स्कूलों को राजोरी जिले के स्कूलों की सूची में डाल दिया गया है।
विभाग की ओर से किस प्रकार से लापरवाही बरती जा रही है इसका अंदाजा विभाग की वेबसाइट देख कर लगाया जा सकता है।
जिस पर जिले पुंछ के सरकारी स्कूलों को जिले राजोरी में दिखाया गया है।
इतना ही नहीं विभाग की साइट कई वर्षों से अपडेट भी नहीं की गई है। जम्मू कश्मीर शिक्षा विभाग की वेबसाइट (डब्ल्यूडब्लयूडब्लयूडॉटजेकेएजुकेशनडॉटगोवडॉटइन) पर लाग इन करने पर पता चलता है कि जिले के आधार पर बनाई गई सूचियों में राजोरी में उन सरकारी स्कूलों को दिखाया गया है जो दरअसल पुंछ में पड़ते हैं।
राजोरी जिले की सूची देख कर पता चलता है कि इस में दिखाए गए सभी 1539 सरकारी स्कूलों में से एक भी सरकारी स्कूल राजोरी में नहीं पड़ता है। सभी स्कूल पुंछ जिले में पाए जाते हैं। हैरान करने वाली एक बात और भी सामने आती है कि यह सभी स्कूल फिर पुंछ जिले की सूची में भी डाले गए हैं। सभी सरकारी स्कूल दो जिलों में कैसे पाए जाते है इस बात का जवाब शायद शिक्षा विभाग के पास भी नहीं होगा।
वेबसाइट देखने पर यह भी पता चलता है कि इसे कई वर्षों से अपडडेट भी नहीं किया गया है। इतना ही नहीं राजोरी जिले की प्रोफाइल में कम्यूनिटी डेवलपमेंट ब्लाक की संख्या 8 दिखाई गई है, जबकि उनकी सही संख्या 19 है।
वेबसाइट के अनुसार राजोरी जिले में तहसीलों की संख्या 7 है, जबकि असल में तहसीलें 14 हैं, जिन में 7 पुरानी तहसीलें हैं और 7 दो वर्ष पहले गठित की नई तहसीलें हैं।
शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर इस प्रकार से गुमराह करने वाली जानकारियों का उपलब्ध होना इस बात की ओर साफ संकेत करता है कि शिक्षा विभाग किस प्रकार से काम कर रहा है।
वहीं इस संबंध में जब शिक्षा मंत्री नईम अख्तर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह इसकी जांच करेंगे।