जानकारी के अनुसार उक्त स्कूल के बंद रहने की अकसर शिकायतें ंमिलती रहती थीं। शिकायतों का कड़ा संज्ञान लेते हुए कमेटी सदस्यों ने करीब दस बजे स्कूल का दौरा किया तो पाया कि स्कूल में ताले लटक रहे थे। बच्चों के अभिभावकों ने कड़ा रोष प्रकट करते हुए बताया कि स्कूल कभी कभार ही खुलता है। 55 विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए चार शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, लेकिन वह चार कभी भी एक साथ हाजिर नहीं होते हैं।
बारी-बारी स्कूल आते हैं व कभी कभार एक भी हाजिर नहीं होता है। स्थानीय निवासी रंजीत सिंह, भगत सिंह, दिलावर सिंह आदि ने बताया कि इस क्षेत्र तक पहुंचने के लिए करीब दो घंटे का सफर पैदल तय करना पड़ता है। यही कारण है कि शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी यहां नहीं पहुंचता है और बच्चों की पढ़ाई को राम भरोसे छोड़ दिया गया है।
आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में भी इस स्कूल का परिणाम संतोषजनक नहीं था और केवल एक ही छात्र परीक्षा में पास हुआ था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही स्कूल में तैनात शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वह लोग अपने बच्चों को साथ लेकर जिला मुख्यालय पहुंच कर प्रदर्शन करेंगे।