राजोरी। कोरोना महामारी के कारण बंद किए गए स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए सरकार ने ऑनलाइन कक्षाएं और कम्यूनिटी कक्षाएं आयोजित करने के निर्देश जारी किए थे। जिले के शिक्षा जोन के अंतर्गत पड़ने वाले 20 सरकारी स्कूलों में किसी भी शिक्षक ने एक भी दिन न तो ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाया और ना ही कम्यूनिटी कक्षाएं आयोजित कीं। मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए सीईओ राजोरी ने सभी 20 स्कूलों के पूरे स्टाफ के वेतन पर तत्काल रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी राजोरी गुलजार हुसैन के अनुसार शिक्षा विभाग ने बार-बार सभी शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षाएं और कम्यूनिटी कक्षाएं आयोजित करने के निर्देश जारी किए थे। सीईओ राजोरी ने बताया कि जेडईओ पीढ़ी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पिछले पांच महीने में पीढ़ी शिक्षा जोन के एक भी बच्चे को एक शब्द तक नहीं पढ़ाया गया है और शिक्षक घर बैठे मुफ्त में वेतन ले रहे हैं। जेडईओ की रिपोर्ट के अनुसार पीढ़ी शिक्षा जोन के 20 स्कूलों के सारे शिक्षकों और मास्टरों को महीने में कुल मिलाकर 23 लाख रुपये वेतन दिया जाता है, इसके बावजूद शिक्षकों ने बच्चों को एक शब्द तक पढ़ाने की जहमत नहीं उठाई। मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए सीईओ राजोरी ने सभी 20 स्कूलों के पूरे स्टाफ के वेतन पर तत्काल रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। जिन शिक्षकों के वेतन पर रोक लगी है उनमें से दो मास्टर ग्रेड के हैं, 10 जनरल लाइन शिक्षक हैं, छह थर्ड ग्रेड शिक्षक हैं और 29 आरईटी से परमानेंट हुए सरकारी शिक्षक हैं।
इन स्कूलों के शिक्षकों के वेतन पर लगी रोक
सरकारी मिडिल स्कूल महल रिहान, सरकारी मिडिल स्कूल तरकस्सी, मिडिल स्कूल खड़ियाला, मिडिल स्कूल खा नंबर 2, मिडिल स्कूल बूंदा नक्का, प्राइमरी स्कूल तरण, प्राइमरी स्कूल मोहल्ला केसर, प्राइमरी स्कूल मुरियां, प्राइमरी स्कूल ढक्की चंबीतरार, प्राइमरी स्कूल खेरूवाला, प्राइमरी स्कूल गखरोट, प्राइमरी स्कूल पीढ़ी, प्राइमरी स्कूल हिल कोटलां, प्राइमरी स्कूल देहरी, प्राइमरी स्कूल डुंग रेहान, प्राइमरी स्कूल सवारी, प्राइमरी स्कूल बस्सन वाली गली, प्राइमरी स्कूल पाठशाला खा, प्राइमरी स्कूल पूनी खा, प्राइमरी स्कूल महल चढ़ान।