राजोरी। हसप्लोट से ढोके तक 10 किलोमीटर की पीएमजीएसवाई सड़क दस साल में पूरी नहीं हो सकी। स्थानीय निवासियों ने बुधवार को प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया। उन्होंने बताया कि 11 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़क का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी इस सड़क पर कोई प्रगति नहीं हुई है।
विभाग ने 2010-11 में इस सड़क को काट दिया था और उसके बाद इस पर कंक्रीट डाली गई थी, लेकिन यह भी जर्जर हो चुकी है। सड़क की हालत बहुत खराब हो गई है। जगह-जगह गड्ढे हैं, नाले जाम हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग को पीएमजीएसवाई के तहत सड़क पर 19 पुलिया और दो पुल बनाने थे, लेकिन नालों, खाई और पुलियों का निर्माण नहीं होने के कारण उन पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। जमीनों को नष्ट कर दिया गया है। पंच मोहम्मद अयूब , मोहम्मद रियाज, सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद रज्जाक चौधरी आदि ने बताया कि इस सड़क पर कहीं भी सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई है, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। थन्नामंडी अनुमंडल की सभी सड़कों का यही हाल है। स्थानीय लोगों ने राज्यपाल प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द सड़क पर तारकोल डाल कर उसे उपयोग के लायक बनाया जाए।
इस संबंध में जेई सफीर चौधरी का कहना है कि सड़क पर सिर्फ तीन पुलिया हैं, जिन्हें जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। सड़क के पहले पांच किलोमीटर पर तारकोल बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है।