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राजोरी: स्कूल में यूनिफॉर्म पहनकर न आने पर छात्रों को बेरहमी से पीटा, टांगों पर पड़े लाल निशान; शिक्षक निलंबित

Thu, 17 Sep 2026 12:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी

सार

सोशल मीडिया पर जब इस क्रूरता का वीडियो वायरल हुआ तो हंगामा मच गया। आनन-फानन में शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपी शिक्षक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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सजा की निशानी... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजोरी में यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आने पर सरकारी स्कूल के एक शिक्षक ने प्राइमरी कक्षाओं के तीन बच्चों को बेंत से इतना पीटा कि उनकी टांगों की चमड़ी उधड़ गई। सोशल मीडिया पर जब इस क्रूरता का वीडियो वायरल हुआ तो हंगामा मच गया। आनन-फानन में शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपी शिक्षक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।

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यह मामला राजोरी जिले के हाई स्कूल कुंडल का है। आरोप है कि ड्रेस पहनकर नहीं आने पर यहां तैनात शिक्षक निसार अहमद ने मंगलवार को दो छात्राओं और एक छात्र को बेरहमी से शारीरिक दंड दिया। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप तेजी से वायरल होने लगा। 

इस वीडियो में स्कूली बच्चे शिक्षक निसार अहमद पर बेरहमी से पीटने के आरोप लगा रहे हैं। बच्चों ने कैमरे के सामने अपनी टांगों और शरीर के अन्य हिस्सों पर बेंत की पिटाई से बने लाल निशान (चकत्ते) भी दिखाए। पीठ पर भी मारा है। वीडियो सामने आते ही क्षेत्र के लोगों और पीड़ित बच्चों के अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण और अभिभावक आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कर और अधिक कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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मामले का संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षक के तुरंत निलंबन का फैसला लिया। मुख्य शिक्षा अधिकारी हाफिज शेख की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शिक्षक के आचरण को लेकर जांच लंबित है और मामले की विस्तृत जांच के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई है। आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप में शिक्षक को बच्चों को शारीरिक दंड देते हुए देखा गया। निलंबन अवधि के दौरान निसार अहमद को जोन खवास के मिडिल स्कूल चकली में अटैच किया गया है। उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि उच्च अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना वे अपना अटैचमेंट स्टेशन नहीं छोड़ेंगे।

शारीरिक या मानसिक दंड देना पूरी तरह से गैर-कानूनी
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत स्कूलों में बच्चों को किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक दंड देना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। इसके बावजूद सामने आई इस घटना ने शिक्षा प्रणाली की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के लोगों और अभिभावकों में काफी रोष है और वो कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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